Haryana Cattle and Murrah Development Yojana 2026: दुधारू पशुओं पर मिलेगा भारी नकद इनाम, आवेदन शुरू.

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana 2026 दुधारू पशुओं पर मिलेगा भारी नकद इनाम, आवेदन शुरू.

Haryana Murrah Development Scheme Apply Online: जानिए पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया.

हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा Haryana Cattle and Murrah Development Yojana 2026 को राज्य में लागू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों और विश्व प्रसिद्ध मुर्रा भैंसों के पालन को बढ़ावा देना तथा उनकी नस्ल को बचाना है

इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी स्तर पर आधिकारिक कमिटी द्वारा पशुओं के दूध की रिकॉर्डिंग (Milking) की जाती है। इसके बाद, पशु के प्रतिदिन के अधिकतम दूध उत्पादन (Peak Yield) के आधार पर पशुपालकों को ₹5,000 से लेकर ₹40,000 तक की नकद प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana Overview.

विवरण जानकारी
योजना का नाम स्वदेशी पशु एवं मुर्रा विकास योजना (Scheme for Conservation & Development of Indigenous Cattle and Murrah Development)
विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा
लाभ ₹5,000 से ₹40,000 तक की नकद प्रोत्साहन राशि (पात्रता व दूध उत्पादन के अनुसार)
लाभार्थी हरियाणा के पात्र पशुपालक
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट pashudhanharyana.gov.in / सरल हरियाणा पोर्टल

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana पात्रता और नियम (Eligibility Criteria)

इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • मूल निवासी: आवेदक अनिवार्य रूप से हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए

  • आवेदन की समय सीमा: गाय या भैंस के बच्चा देने (Calving) के 05 दिन से लेकर 90 दिनों के भीतर ही इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा

  • पशुओं की अधिकतम संख्या: एक परिवार पहचान पत्र (Family ID) के तहत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 4 पशुओं (गाय/भैंस किसी भी कॉम्बिनेशन में) के लिए ही इनाम राशि दी जा सकती है

  • 1 साल तक बेचने पर रोक: प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने वाले पशुपालक को एक शपथ-पत्र देना होगा कि वह रिकॉर्डेड पशु और उसके नर बच्चे (कटड़े) को कम से कम 1 साल तक नहीं बेचेगा

  • पशु की उम्र (Calving Period): रिकॉर्डिंग के लिए आवेदन करते समय गाय या भैंस का बच्चा (काफ) 5 दिन से लेकर 90 दिन के बीच का होना चाहिए

  • जीवनकाल में 3 बार लाभ: एक योग्य गाय या भैंस को उसके पूरे जीवनकाल में अधिकतम 3 बार ही इस योजना के तहत रिकॉर्ड किया जा सकता है (यानी आप अलग-अलग ब्यांत में 3 बार तक इनाम ले सकते हैं)

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana Documents Required.

दस्तावेज विवरण
परिवार पहचान पत्र (PPP ID) सरल पोर्टल पर आवेदन करने के लिए अनिवार्य।
आधार कार्ड आवेदक की पहचान सत्यापित करने के लिए।
पैन कार्ड पहचान एवं आवश्यक रिकॉर्ड के लिए।
बैंक पासबुक / कैंसिल्ड चेक प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में भेजने के लिए।
पशु का आधिकारिक टैग नंबर (Tag No.) आवेदन फॉर्म में दर्ज करना अनिवार्य।
पशु बीमा (Animal Insurance) सरकारी या निजी पशु बीमा का प्रमाण।
1 वर्ष तक पशु न बेचने का शपथ-पत्र पशु की देखभाल और 1 वर्ष तक न बेचने का स्व-घोषणा पत्र।
पासपोर्ट साइज फोटो आवेदक की नवीनतम रंगीन फोटो।

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (Incentive Slabs)

1. मुर्रा भैंस (Murrah Buffalo)

प्रतिदिन दूध उत्पादन प्रोत्साहन राशि
18 से 22 किलोग्राम ₹20,000
22 से 25 किलोग्राम ₹30,000
25 किलोग्राम से अधिक ₹40,000

2. हरियाणवी गाय (Haryana Cow)

प्रतिदिन दूध उत्पादन प्रोत्साहन राशि
8 से 10 किलोग्राम ₹15,000
10 से 12 किलोग्राम ₹20,000
12 किलोग्राम से अधिक ₹25,000

3. साहिवाल गाय (Sahiwal Cow)

प्रतिदिन दूध उत्पादन प्रोत्साहन राशि
10 से 12 किलोग्राम ₹15,000
12 से 15 किलोग्राम ₹20,000
15 किलोग्राम से अधिक ₹25,000

4. बेलाही गाय (Belahi Cow)

प्रतिदिन दूध उत्पादन प्रोत्साहन राशि
5 से 8 किलोग्राम ₹5,000
8 से 10 किलोग्राम ₹10,000
10 किलोग्राम से अधिक ₹15,000

हरियाणा ग्राम पंचायत पशु एवं मुर्रा विकास योजना आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)

आप स्वयं अपने मोबाइल/कंप्यूटर से या फिर किसी भी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अंत्योदय केंद्र, अटल सेवा केंद्र या ई-दिशा केंद्र पर जाकर इसके लिए आवेदन करवा सकते हैं:

  1. सरल पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले हरियाणा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट saralharyana.gov.in पर जाएं

  2. लॉगिन/रजिस्ट्रेशन करें: अपनी लॉग-इन आईडी और पासवर्ड डालकर पोर्टल में प्रवेश करें (यदि आईडी नहीं है, तो ‘New User’ पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें)।

  3. योजना को सर्च करें: लॉगिन करने के बाद “Apply for Services” सेक्शन में जाएं और सर्च बॉक्स में यह नाम टाइप करें:

    “Scheme for Conservation and Development of Indigenous Cattle and Murrah Development”

  4. फैमिली आईडी दर्ज करें: योजना पर क्लिक करते ही आपसे परिवार पहचान पत्र (PPP ID) मांगी जाएगी, इसे दर्ज करके सदस्य (पशुपालक) का नाम चुनें

  5. फॉर्म में जानकारी भरें: अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां सही-सही भरें:

    • पशु का प्रकार (गाय या भैंस)

    • पशु की नस्ल (मुर्रा, हरियाणवी, साहिवाल या बेलाही)

    • पशु का कान का टैग नंबर (Tag No.)

    • बच्चा देने की तारीख (Calving Date) – ध्यान रहे यह आवेदन की तारीख से 5 से 90 दिन के बीच होनी चाहिए

  6. दस्तावेज अपलोड करें: इसके बाद आवश्यक दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी या कैंसिल्ड चेक और पशु का बीमा/टैग विवरण अपलोड करें

  7. फॉर्म सबमिट करें: सारी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म को फाइनल ‘Submit’ कर दें। सबमिट होते ही आपको एक SARAL Application ID (रेफरेंस नंबर) मिल जाएगा, जिसे संभालकर रखें

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana आवेदन के बाद की प्रक्रिया (मिल्किंग और वेरिफिकेशन)

फॉर्म सबमिट होने के बाद विभाग द्वारा नीचे दी गई प्रक्रिया अपनाई जाती है:

  • सर्टिफिकेट और ब्रीड वेरिफिकेशन: आपका फॉर्म संबंधित उपमंडल अधिकारी (SDO) के पास जाता है। इसके बाद डॉक्टर (Veterinary Surgeon) आपके घर आकर पशु की नस्ल की जांच करता है कि वह शुद्ध नस्ल का पशु है या नहीं

  • दूध की रिकॉर्डिंग (Milking Test): इसके बाद विभाग द्वारा एक कमिटी (जिसमें डॉक्टर, सरपंच/नंबरदार और अधिकारी शामिल होते हैं) गठित की जाती है। यह कमिटी आपके घर या निर्धारित स्थान पर आकर लगातार चार समय (सुबह और शाम) पशु के दूध की लाइव रिकॉर्डिंग करेगी। (पहले समय के दूध को छोड़कर बाकी 3 समय के दूध का औसत निकाला जाता है)

  • शपथ-पत्र (Affidavit): यदि आपका पशु पात्रता स्लैब को पास कर लेता है, तो आपको एक सेल्फ-डिक्लेरेशन (शपथ-पत्र) देना होगा कि आप पशु और उसके बच्चे को 1 साल तक नहीं बेचेंगे

  • पैसे कब मिलेंगे?: दूध की इस सरकारी रिकॉर्डिंग के 4 महीने बाद विभाग के अधिकारियों द्वारा पशु का दोबारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाएगा। पशु आपके पास सुरक्षित पाए जाने पर प्रोत्साहन की पूरी राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana Important Links

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Haryana Cattle and Murrah Development Yojana FAQs.

Q 1. हरियाणा स्वदेशी पशु और मुर्रा विकास योजना क्या है?

Ans: यह हरियाणा सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक योजना है, जिसके तहत स्वदेशी गायों (हरियाणवी, साहिवाल, बेलाही) और मुर्रा भैंसों के दूध उत्पादन (Peak Yield) के आधार पर पशुपालकों को ₹5,000 से ₹40,000 तक की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है

Q 2. इस योजना के तहत एक परिवार पहचान पत्र (Family ID) पर कितने पशुओं का लाभ लिया जा सकता है?

Ans: सरकारी नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में एक फैमिली आईडी के अंतर्गत अधिकतम 4 पशुओं (गाय या भैंस) के लिए प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाया जा सकता है

Q 3. पशु के बच्चा देने के कितने दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है?

Ans: गाय या भैंस के बच्चा देने (Calving) के 05 दिन से लेकर 90 दिनों के भीतर ही आपको सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा

Q 4. Haryana Cattle and Murrah Development Yojana में दूध की रिकॉर्डिंग (Milking) कैसे की जाती है?

Ans: आवेदन स्वीकार होने के बाद विभाग द्वारा गठित सरकारी कमिटी पशुपालक के घर आकर लगातार 4 समय (सुबह और शाम) लाइव दूध की रिकॉर्डिंग करती है, जिसमें से आखिरी 3 समय के दूध का औसत निकाला जाता है

Q 5. क्या Haryana Cattle and Murrah Development Yojana में इनाम राशि मिलने के बाद पशु को बेचा जा सकता है?

Ans: नहीं, योजना के नियमानुसार पशुपालक को एक शपथ-पत्र (Affidavit) देना होता है कि वह प्रोत्साहन राशि मिलने के बाद उस पशु और उसके नर बच्चे (कटड़े/बछड़े) को कम से कम 1 साल तक नहीं बेचेगा

निष्कर्ष (Conclusion)

Haryana Cattle and Murrah Development Yojana 2026 हरियाणा के किसान और पशुपालक भाइयों के लिए एक बेहद लाभकारी योजना है। यह न केवल पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले दुधारू पशुओं और स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को भी बढ़ावा देती है। यदि आपके पास भी अच्छी दूध क्षमता वाली मुर्रा भैंस या साहिवाल, हरियाणवी व बेलाही नस्ल की गाय है, तो आपको समय रहते सरल पोर्टल (SARAL Portal) पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जरूर करना चाहिए

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