
Haryana DAYALU-II Yojana: Parivar Suraksha Yojana लाभ, पात्रता, मुआवजा व ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया।
हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों को आवारा पशुओं और कुत्तों के हमले से होने वाले हादसों में आर्थिक संबल देने के लिए दयालु-2 योजना (Haryana DAYALU-II Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना का लाभ विशेष रूप से उन परिवारों को मिलेगा जिनके पास हरियाणा परिवार पहचान पत्र (Family ID) मौजूद है।
योजना के तहत यदि किसी नागरिक की आवारा पशु या कुत्ते के हमले से मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो प्रभावित परिवार को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। पूरी आवेदन और क्लेम प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल के जरिए पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनाया गया है।
अगर आप भी इस योजना के तहत मुआवजा राशि, पात्रता नियम, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन क्लेम करने का तरीका समझना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
Haryana Dayalu-II Yojana: Key Highlights
| विवरण | आधिकारिक जानकारी |
| योजना का नाम | दयालु-2 योजना (Haryana DAYALU-II Yojana) |
| शुरू की गई | हरियाणा सरकार द्वारा |
| लक्षित लाभार्थी | आवारा पशुओं/कुत्तों के हमले व दुर्घटना से प्रभावित नागरिक |
| अनिवार्य दस्तावेज | हरियाणा परिवार पहचान पत्र (Family ID / PPP) |
| अधिकतम सहायता राशि | ₹5,00,000 (उम्र और नुकसान के आधार पर) |
| आवेदन का माध्यम | आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल |
| सहायता का प्रकार | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT – सीधे बैंक खाते में) |
दयालु-II योजना में कवर किए गए पशुओं की सूची (Animals Covered Under DAYALU-II)
हरियाणा सरकार की दयालु-II योजना के तहत पालतू, बेसहारा और जंगली जानवरों के हमले या टक्कर से होने वाले हादसों को शामिल किया गया है। यदि किसी नागरिक को इनमें से किसी भी पशु के कारण चोट, स्थायी दिव्यांगता या मृत्यु का सामना करना पड़ता है, तो वह सरकारी मुआवजे का पात्र होगा:
| श्रेणी (Category) | कवर किए गए पशु (Animals Covered) |
| आवारा पशु (Stray Animals) |
• आवारा कुत्ता (Stray Dog) • आवारा गाय • आवारा बैल व सांड • आवारा भैंस |
| पालतू पशु (Pet Animals) |
• पालतू कुत्ता (Pet Dog) • पालतू गाय व भैंस • बैल व बछड़ा • बकरी व भेड़ आदि |
| जंगली पशु (Wild Animals) |
• नीलगाय (रोज़) • जंगली सुअर • सांभर • अन्य जंगली जानवर |
| अन्य पशु (Other Animals) |
• गधा • खच्चर • ऊँट • घोड़ा |
DAYALU-II Yojana के लाभ – जानें किसे और कितनी मिलेगी सहायता राशि?
हरियाणा सरकार की दयालु-II योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नागरिक की उम्र और दुर्घटना में हुई शारीरिक क्षति की गंभीरता (मृत्यु या दिव्यांगता) के आधार पर तय की जाती है। राज्य सरकार ने इसके लिए स्पष्ट नियम और स्लैब निर्धारित किए हैं:
श्रेणी 1: मृत्यु या 70% से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर सहायता
यदि किसी आवारा, पालतू या जंगली पशु के हमले अथवा टक्कर से नागरिक की मृत्यु हो जाती है या वह 70% से अधिक स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो परिवार को आयु वर्ग के अनुसार निम्नलिखित एकमुश्त मुआवजा राशि प्रदान की जाती है:
| आयु वर्ग (Age Group) | मुआवजा राशि (Compensation Amount) |
| 0 से 12 वर्ष | ₹1,00,000 |
| 12 से 18 वर्ष | ₹2,00,000 |
| 18 से 25 वर्ष | ₹3,00,000 |
| 25 से 45 वर्ष | ₹5,00,000 |
| 45 वर्ष से ऊपर | ₹3,00,000 |
श्रेणी 2: 70% से कम स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर सहायता
यदि हादसे में व्यक्ति को 70% से कम स्थायी आंशिक दिव्यांगता (Partial Disability) होती है, तो सहायता राशि दो मुख्य आधारों पर तय की जाती है:
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आयु कारक (Age Factor): संबंधित आयु वर्ग के लिए तय अधिकतम स्लैब राशि।
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दिव्यांगता प्रतिशत (Disability Percentage): कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 (Employee Compensation Act, 1923) के मानकों के अनुसार मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित प्रतिशत।
सहायता राशि निकालने का फॉर्मूला:
मिलने वाली राशि = (आयु वर्ग की अधिकतम राशि) × (दिव्यांगता का %)
| आयु वर्ग | 70% से कम सहायता राशि का फॉर्मूला |
| 12 वर्ष तक | ₹1,00,000 × दिव्यांगता % |
| 12 से 18 वर्ष | ₹2,00,000 × दिव्यांगता % |
| 18 से 25 वर्ष | ₹3,00,000 × दिव्यांगता % |
| 25 से 45 वर्ष | ₹5,00,000 × दिव्यांगता % |
| 45 वर्ष से अधिक | ₹3,00,000 × दिव्यांगता % |
Haryana DAYALU-II Yojana Eligibility Criteria: कौन-कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
हरियाणा सरकार द्वारा संचालित DAYALU-II (दयालु-2) योजना के तहत आवारा, पालतू या जंगली पशुओं के हमले अथवा दुर्घटना में वित्तीय सहायता पाने के लिए आवेदक और उसके परिवार को निम्नलिखित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
पात्रता एवं आवश्यक शर्तें (Eligibility Rules)
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1. हरियाणा का स्थायी निवासी: पीड़ित व्यक्ति अथवा आवेदक का हरियाणा राज्य का मूल/स्थायी निवासी होना आवश्यक है। घटना व उपचार का पूरा रिकॉर्ड राज्य से प्रमाणित होना चाहिए।
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2. परिवार पहचान पत्र (PPP) में सक्रिय पंजीकरण: आवेदक परिवार का हरियाणा Parivar Pehchan Patra (Family ID) डेटाबेस में रजिस्टर्ड, वेरिफाइड और एक्टिव होना अनिवार्य है। परिवार के सदस्यों व उम्र का मिलान इसी आईडी से किया जाएगा।
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3. वार्षिक पारिवारिक आय सीमा (Income Limit): योजना का लाभ विशेष रूप से निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए है। परिवार पहचान पत्र (PPP) में परिवार की कुल सत्यापित वार्षिक आय ₹1,80,000 (1.80 लाख रुपये) प्रति वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।
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4. घटना की कट-ऑफ तिथि: DAYALU-II योजना के नियम केवल 5 सितंबर के बाद घटित होने वाली दुर्घटनाओं और घटनाओं पर ही लागू होते हैं। इस निर्धारित तिथि से पहले के मामलों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
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5. चोट, दुर्घटना अथवा हमले का पुख्ता प्रमाण: क्लेम दर्ज करने के लिए घटना के वास्तविक प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जिनमें शामिल हैं:
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मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) / अस्पताल की डिस्चार्ज समरी
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पुलिस रिपोर्ट / DDR (यदि लागू हो)
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सरकारी अस्पताल के प्रामाणिक मेडिकल रिकॉर्ड
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घटना से संबंधित फोटो अथवा वीडियो (यदि उपलब्ध हों)
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स्थानीय प्रशासन अथवा नगर निकाय द्वारा किया गया सत्यापन
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6. कुत्ते के काटने (Dog Bite) के मामलों में सार्वजनिक स्थल की शर्त:
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यदि मामला कुत्ते के काटने का है, तो हमला केवल सार्वजनिक स्थान (Public Place) जैसे—सड़क, सार्वजनिक पार्क, बाज़ार, या सरकारी प्रांगण आदि में हुआ होना चाहिए।
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किसी की निजी संपत्ति (Private Property) अथवा घर के भीतर हुए डॉग बाइट के मामलों को योजना के दायरे में नहीं रखा गया है।
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Dog Bite Injury: कुत्ते के काटने पर विशेष मुआवजा नियम
कुत्ते के काटने (Dog Bite) के मामलों में सरकार ने घाव और दांतों के निशानों (Teeth Marks) के आधार पर विशिष्ट राहत राशि का प्रावधान किया है:
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प्रति टीथ मार्क (Teeth Mark) सहायता: प्रत्येक दांत के निशान पर ₹10,000 की मुआवजा राशि तय की गई है।
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उदाहरण गणना:
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3 दाँतों के निशान होने पर: ₹30,000
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5 दाँतों के निशान होने पर: ₹50,000
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7 दाँतों के निशान होने पर: ₹70,000
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(नोट: दांतों के निशानों का स्पष्ट उल्लेख और पुष्टि अधिकृत मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) या सरकारी डॉक्टर के पर्चे में होना अनिवार्य है।)
Haryana Dayalu-II Yojana: Required Documents (ज़रूरी दस्तावेज़)
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पहचान व निवास: पीड़ित का आधार कार्ड, हरियाणा परिवार पहचान पत्र (Family ID) और निवास प्रमाण (डोमिसाइल/वोटर कार्ड/राशन कार्ड)।
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दुर्घटना व मेडिकल साक्ष्य: अस्पताल की MLR/OPD स्लिप, पुलिस FIR या DDR (यदि लागू हो), और स्थानीय प्रशासन/पंचायत का सत्यापन।
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दिव्यांगता की स्थिति में: सरकारी मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability % स्पष्ट हो)।
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मृत्यु की स्थिति में: आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report)।
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डॉग बाइट (Dog Bite) मामलों में: डॉक्टर द्वारा जारी MLR (घाव/दांतों के निशान दर्ज हों), घाव की फोटो और घटना पब्लिक प्लेस में होने का प्रमाण।
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बैंक विवरण: Family ID से लिंक सक्रिय बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल्ड चेक (IFSC व खाता संख्या स्पष्ट हो)।
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ऑनलाइन आवेदन: पोर्टल पर भरा गया क्लेम फॉर्म व पावती रसीद।
दयालु-II योजना के तहत क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। फॉर्म भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे मेडिकल रिपोर्ट/MLR, Family ID, बैंक पासबुक आदि) की स्कैन कॉपी तैयार रखें ताकि आवेदन करते समय कोई दिक्कत न आए।
नीचे आवेदन के स्टेप-बाय-स्टेप निर्देश दिए गए हैं:
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स्टेप 1: दस्तावेज़ तैयार रखें
आवेदन शुरू करने से पहले पीड़ित की फैमिली आईडी, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR), अस्पताल डिस्चार्ज समरी और बैंक विवरण तैयार रखें।
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स्टेप 2: आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (DAPSY) का आधिकारिक पोर्टल खोलें:
[https://dapsy.finhry.gov.in/](https://dapsy.finhry.gov.in/) -
स्टेप 3: ‘Apply Scheme’ विकल्प पर क्लिक करें
होमपेज के मुख्य मेन्यू में दिखाई दे रहे Apply Scheme बटन पर क्लिक करें।
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स्टेप 4: DAYALU-2 Scheme का चयन करें
स्क्रीन पर योजनाओं की सूची खुलेगी, जहाँ से आपको DAYALU-2 (पशु हमले/दुर्घटना से राहत) योजना के विकल्प को चुनना होगा।

✔ नीचे दिए बॉक्स पर Tick करें
यह करने के बाद Family ID का सेक्शन दिखाई देगा।
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स्टेप 5: Family ID (PPP) दर्ज करें और Get OTP पर क्लिक करें
निर्धारित बॉक्स में अपनी 8 अंकों की Family ID (PPP नंबर) भरें और Get OTP बटन पर क्लिक करें। आपकी फैमिली आईडी से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा।
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स्टेप 6: OTP दर्ज करके सबमिट करें
मोबाइल पर आए OTP को निर्धारित बॉक्स में भरें और Submit OTP पर क्लिक करें। OTP वेरिफाई होते ही आपकी Family ID में जुड़े सभी परिवार के सदस्यों की लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी।

स्टेप 7: पीड़ित व्यक्ति का चयन करें
स्क्रीन पर आई परिवार के सदस्यों की सूची में से उस सदस्य को खोजें जिसके साथ दुर्घटना, चोट या पशु हमले की घटना हुई है। उसके नाम के ठीक सामने दिए गए Select बटन पर क्लिक करें। क्लिक करते ही स्क्रीन पर आवेदन का मुख्य फॉर्म खुल जाएगा।
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स्टेप 8: घटना का प्रकार (Claim Type) चुनें
स्क्रीन पर आपको तीन विकल्प दिखाई देंगे:
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Death (मृत्यु)
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Disability (दिव्यांगता)
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Injury (चोट)
पीड़ित व्यक्ति के साथ जो स्थिति हुई है, उस सही विकल्प का चयन करें।
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स्टेप 9: व्यक्तिगत विवरण की स्वतः पुष्टि
Family ID डेटाबेस से पीड़ित का नाम, पिता का नाम, लिंग और जन्म तिथि (DOB) जैसी प्राथमिक जानकारियाँ अपने आप स्क्रीन पर लोड हो जाएँगी। आपको केवल घटना, अस्पताल और प्रमाणपत्र से जुड़ी जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी।
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स्टेप 10: दिव्यांगता/दुर्घटना का विवरण दर्ज करें
यदि आपने Disability का विकल्प चुना है, तो निम्नलिखित विवरण भरें:
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क्या प्रमाणपत्र हरियाणा में जारी हुआ? (Yes/No)
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जिला, ब्लॉक/टाउन और गाँव/वार्ड का चयन
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Divyang Type व Disability Type
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घटना की सटीक तारीख
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प्रमाणपत्र जारीकर्ता अधिकारी का पद/नाम, प्रमाणपत्र संख्या और जारी होने की तारीख
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स्टेप 11: FIR / DDR की जानकारी भरें
यदि मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज है, तो संबंधित विवरण दर्ज करें:
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FIR / DDR Number
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FIR / DDR Date
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स्टेप 12: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
मांगे गए सहायक कागजात स्कैन करके अपलोड करें:
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FIR / DDR की प्रति
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दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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अस्पताल डिस्चार्ज समरी / मेडिकल रिपोर्ट
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साक्ष्य दस्तावेज़ (घटना की फ़ोटो, वीडियो या MLR)
(दस्तावेज़ केवल PDF, JPEG या PNG फॉर्मेट में होने चाहिए और फाइल साइज 200 KB से 1024 KB के बीच होना अनिवार्य है।)
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स्टेप 13: स्व-घोषणा (Declaration) स्वीकार करें
फॉर्म के अंत में दिए गए घोषणा पत्र (Declaration) को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चेकबॉक्स पर टिक लगाकर सहमति दें।
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स्टेप 14: ‘Apply Scheme’ पर क्लिक कर सबमिट करें
भरे गए पूरे फॉर्म का पूर्वावलोकन (Preview) करें। सभी विवरण सही पाए जाने पर Apply Scheme बटन पर क्लिक करें। फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा और स्क्रीन पर पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
Haryana Dayalu-II Yojana: Frequently Asked Questions
Q1: Haryana DAYALU-II Yojana क्या है?
Ans: DAYALU-II हरियाणा सरकार की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा योजना है, जिसके तहत किसी नागरिक को आवारा, पालतू या जंगली जानवर के हमले या टक्कर से चोट, स्थायी दिव्यांगता या मृत्यु होने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ केवल हरियाणा Family ID (PPP) धारकों को मिलता है।
Q2: इस योजना में किन-किन जानवरों से होने वाले हादसे कवर होते हैं?
Ans: इस योजना के तहत लगभग सभी प्रकार के पशु शामिल हैं—चाहे वे आवारा हों, पालतू हों या जंगली। जैसे: आवारा कुत्ता, गाय, बैल, भैंस, सांड, नीलगाय, जंगली सुअर, सांभर, गधा, खच्चर, ऊँट, घोड़ा और पालतू कुत्ता आदि।
Q3: DAYALU-II Parivar Suraksha Yojana का लाभ कौन ले सकता है?
Ans: हरियाणा का कोई भी स्थायी निवासी जिसके पास सत्यापित Family ID (PPP) हो, इस योजना का लाभ ले सकता है। योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय ₹1,80,000 (1.80 लाख रुपये) या उससे कम होना अनिवार्य है।
Q4: 70% से कम स्थायी दिव्यांगता होने पर कितनी सहायता राशि मिलती है?
Ans: 70% से कम स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर सहायता राशि आवेदक की आयु वर्ग के लिए तय अधिकतम स्लैब और दिव्यांगता प्रतिशत के गुणा के आधार पर तय होती है (आयु स्लैब राशि × दिव्यांगता %)। इस श्रेणी में न्यूनतम ₹10,000 की वित्तीय सहायता अनिवार्य रूप से दी जाती है।
Q5: 70% या उससे अधिक स्थायी दिव्यांगता होने पर कितना मुआवजा मिलता है?
Ans: 70% या उससे अधिक स्थायी दिव्यांगता होने पर पीड़ित की आयु के अनुसार ₹1,00,000 से लेकर अधिकतम ₹5,00,000 तक की एकमुश्त सहायता राशि सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
Q6: दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को कितना मुआवज़ा मिलता है?
Ans: मृत्यु के मामलों में सहायता राशि आयु वर्ग के अनुसार तय होती है—12 वर्ष तक के बच्चों के लिए ₹1,00,000 और 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए अधिकतम ₹5,00,000 तक का मुआवजा दिया जाता है।
Q7: डॉग बाइट (Dog Bite) पर मुआवज़ा किस प्रकार मिलता है?
Ans: कुत्ते के काटने के मामलों में प्रति दाँत के निशान (Teeth Mark) पर ₹10,000 और त्वचा का मांस उखड़ने पर प्रति 0.2 सेमी घाव पर ₹20,000 की सहायता मिलती है। इसके लिए शर्त यह है कि घटना किसी सार्वजनिक स्थान (Public Place) पर हुई हो और पीड़ित ने जानवर को उकसाया न हो।
Q8: सिर्फ हल्की चोट (Minor Injury) लगने पर कितनी सहायता मिलेगी?
Ans: यदि पशु के हमले या टक्कर से हल्की चोट आई है और स्थायी दिव्यांगता नहीं हुई है, तो निर्धारित नियमों के तहत ₹10,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
Q9: हादसे के कितने दिनों के भीतर क्लेम करना अनिवार्य है?
Ans: दुर्घटना अथवा घटना घटित होने के 90 दिनों के भीतर आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर क्लेम दर्ज कराना आवश्यक है।
Q10: Haryana DAYALU-II Yojana के लिए ऑनलाइन क्लेम कहाँ दर्ज करें?
Ans: योजना के लिए क्लेम केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल dapsy.finhry.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
Q11: क्लेम के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
Ans: आवश्यक दस्तावेजों में पीड़ित की Family ID (PPP), पहचान पत्र, पुलिस FIR/DDR की प्रति, अस्पताल की डिस्चार्ज समरी, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR), चोट/घटना के फोटो/वीडियो, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और मृत्यु के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र व पोस्टमार्टम रिपोर्ट शामिल हैं।
Q12: मृत्यु की स्थिति में सहायता राशि परिवार में किसे मिलती है?
Ans: मृत्यु के मामले में सहायता राशि सबसे पहले परिवार के मुखिया (Head of Family) के खाते में भेजी जाती है। यदि मुखिया की मृत्यु हुई है, तो परिवार के सबसे वरिष्ठ वयस्क सदस्य (60 वर्ष से कम) को राशि मिलती है। यदि सभी सदस्य नाबालिग हैं, तो किसी एक के 18 वर्ष पूरे होने पर भुगतान किया जाता है।
Q13: यदि किसी ने गलत जानकारी देकर क्लेम लिया तो क्या कार्रवाई होगी?
Ans: यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज़ या गलत जानकारी देकर अनुचित लाभ लेता है, तो उससे पूरी राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित वापस वसूली जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Q14: DAYALU-II योजना की नोडल एजेंसी कौन सी है?
Ans: इस योजना के क्रियान्वयन, दावों की समीक्षा और भुगतान जारी करने की मुख्य ज़िम्मेदारी हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (Haryana Parivar Suraksha Nyas – HPSN) की है।
Q15: क्लेम का फैसला और भुगतान कितने समय में होता है?
Ans: जिला स्तरीय समिति द्वारा 120 दिनों के भीतर दावे की जाँच कर निर्णय लिया जाता है। अनुमोदन (Approval) मिलने के 6 सप्ताह के भीतर राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर कर दी जाती है।
Q16: Haryana DAYALU-II Yojana का ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?
Ans: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल dapsy.finhry.gov.in पर जाएँ और ‘Apply Scheme’ में जाकर DAYALU-2 का चयन करें। अपनी Family ID दर्ज कर OTP से सत्यापित करें, पीड़ित सदस्य का चयन करें, घटना व पशु का विवरण भरें और जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट Superfast3Education पर विजिट कर सकते हैं।
Haryana DAYALU-II Yojana: Important Links.
| महत्वपूर्ण लिंक (Important Links) | डायरेक्ट लिंक (Direct Link) |
| ऑनलाइन क्लेम / आवेदन पोर्टल (DAPSY) | यहाँ क्लिक करें |
| हरियाणा परिवार पहचान पत्र पोर्टल (PPP) | meraparivar.haryana.gov.in |
| आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर | 1800-2000-023 |
| हरियाणा सेवा सहायता (Superfast3Education) | यहाँ क्लिक करें |






